वो मंदिर जहां चिठ्ठि लिखते ही मिलता है न्याय

देहरादून(उत्तराखंड): हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड को देवभूमि यूं ही नहीं कहा जाता, यहां के कण-कण में भगवान का वास है. उत्तराखंड को ऋषियों की तपस्थली भी कहा जाता है. यही कारण है कि तमाम वेदों और पुराणों में उत्तराखंड का वर्णन अपने-अपने तरीके से किया गया है. आज हम आपको उत्तराखंड के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर टंगी घंटियां और चिट्ठयों की संख्या बताती है की इस मंदिर में लोगों की कितनी आस्था है. मंदिर में बैठे देवता को लेकर मान्यता है की वो न्याय के देवता हैं. मतलब कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने वाले लोग हो या कोई भी मुराद हो, ये देवता सबकी मनौतियां पूरी करते हैं. देवता का ये मंदिर अल्मोड़ा जिले में स्थित है. जिसे चितई गोलू देवता को नाम से जाना जाता है. क्या है इस मंदिर की मान्यता और इससे जुड़ी कहानी, चलिये आपको बताते हैं

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